देहरादून / बद्रीनाथ। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पुष्टि की है कि बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि इस वर्ष विजयदशमी, यानी 2 अक्टूबर 2025 को मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य धार्मिक समारोह के दौरान तय की जाएगी। समारोह में धर्माधिकारी, वैदिक विद्वान और समिति के पदाधिकारी पंचांग गणना और धार्मिक मुहूर्तों के आधार पर अंतिम तिथि व समय घोषित करेंगे। इस प्रक्रिया में पंडित-पुजारी-समूह के वेदाचार्यों की उपस्थति होगी और रावल, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी की भूमिका साक्षी बनेगी।पिछले वर्ष की तुलना देखें तो 2023 में बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को शाम 3:33 बजे बंद किए गए थे, और शीतकालीन प्रवास एवं देवडोली प्रस्थान आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी-स्थल प्रस्थान जैसे कार्यक्रम उसी समय-सीमा के भीतर संपन्न हुए थे। अब की वर्ष की योजना में इस धार्मिक समारोह में न सिर्फ कपाट बंदी की तिथि निर्धारित होगी, बल्कि उससे पहले होने वाले पंज पूजाएँ, उद्धव और कुबेर जी का प्रस्थान, आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी और भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ जी की नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मय गद्दी स्थल के लिए प्रस्थान समय का भी निर्धारण होगा। यात्रा वर्ष 2026 के लिए भंडार सेवा हेतु पगड़ी भेंट करना और अन्य पारंपरिक कार्यक्रम भी समारोह में तय किए जाएंगे।BKTC का कहना है कि हमेशा की तरह इस धार्मिक निर्णय में स्थानीय श्रद्धालुओं, प्रशासन और पुजारियों का सहयोग रहेगा, और तिथि की घोषणा के बाद कपाट बंदी की पूरी प्रक्रिया पंच-पूजा से शुरू होगी।
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