देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में संचालित अवैध मदरसों पर बड़ा कदम उठाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जो मदरसे सरकारी बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुरूप नहीं होंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां कुछ मदरसे अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिनमें शिक्षा का स्तर मानक के अनुरूप नहीं है तथा कई स्थानों पर संदिग्ध छात्र, जिनमें बांग्लादेशी या रोहिंग्या तक शामिल थे, पाए गए। सरकार ने अब तक 250 से अधिक अवैध मदरसे बंद कर दिए हैं और तय किया है कि 1 जुलाई 2026 के बाद जो मदरसे बोर्ड पाठ्यक्रम नहीं अपनाएंगे उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि उद्देश्य बच्चों को समान, गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा देना है। साथ ही उन्होंने ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत उन पाखंडी तत्वों पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही जो साधु-संतों की वेशभूषा में धर्म के नाम पर लोगों को ठग रहे थे; इस अभियान के तहत अब तक छह हजार से अधिक मामलों की जांच और गिरफ्तारियां हुई हैं। पेपर लीक प्रकरण पर उन्होंने कहा कि यह असली पेपर लीक नहीं था बल्कि परीक्षा के दौरान एक व्यक्ति ने प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर भेजी थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इस घटना को राजनीतिक रंग देने और प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 25 हजार युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नौकरियां दी हैं और सरकार पूरी तरह से देवभूमि की पवित्रता, शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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