नगर क्षेत्र में प्रेम विश्वास तथा समर्पण के प्रतीक त्योहार करवा चौथ धूमधाम से मनाया

काशीपुर। विभिन्न समाज की व्रती सुहागिन महिलाओं द्वारा शहर से लेकर गांव तक प्रेम विश्वास तथा समर्पण के प्रतीक त्योहार करवा चौथ को धूमधाम से मनाया गया। इधर काशीपुर में भी व्रती सुहागिन महिलाओं ने सज-धजकर पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ निर्जला व्रत रख कर और विधिवत पूजा अर्चना कर करवा चौथ के पर्व को धूमधाम और हर्षाेल्ल्लास पूर्वक मनाया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद चांद का दीदार करने और अर्ध्य देने के बाद पति के हाथों जल ग्रहण करने के उपरांत अपने व्रत को खोला। इसके साथ ही सुहागिन महिलाओं ने ईश्वर से अपने पति के दीर्घायु, सुख, स्मृद्धि एवं कल्याण की कामना की। पति पत्नी के बीच में अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण के इस पर्व को पर्वतीय समाज की महिलाओं के साथ-साथ अन्य समाज की महिलाओं ने भी उत्साह पूर्वक पूजा अर्चना के साथ अपने पति की दीर्घायु की कामना की। आपको बता दें कि यह पर्व प्रतिवर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम, विश्वास, निष्ठा और समर्पण को दर्शाता है। यह पर्व पति-पत्नी के रिश्ते की मजबूती का प्रतीक माना जाता है।

नगर क्षेत्र में प्रेम विश्वास तथा समर्पण के प्रतीक त्योहार करवा चौथ धूमधाम से मनाया काशीपुर। विभिन्न समाज की व्रती सुहागिन महिलाओं द्वारा शहर से लेकर गांव तक प्रेम विश्वास तथा समर्पण के प्रतीक त्योहार करवा चौथ को धूमधाम से मनाया गया। इधर काशीपुर में भी व्रती सुहागिन महिलाओं ने सज-धजकर पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ निर्जला व्रत रख कर और विधिवत पूजा अर्चना कर करवा चौथ के पर्व को धूमधाम और हर्षाेल्ल्लास पूर्वक मनाया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद चांद का दीदार करने और अर्ध्य देने के बाद पति के हाथों जल ग्रहण करने के उपरांत अपने व्रत को खोला। इसके साथ ही सुहागिन महिलाओं ने ईश्वर से अपने पति के दीर्घायु, सुख, स्मृद्धि एवं कल्याण की कामना की। पति पत्नी के बीच में अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण के इस पर्व को पर्वतीय समाज की महिलाओं के साथ-साथ अन्य समाज की महिलाओं ने भी उत्साह पूर्वक पूजा अर्चना के साथ अपने पति की दीर्घायु की कामना की। आपको बता दें कि यह पर्व प्रतिवर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम, विश्वास, निष्ठा और समर्पण को दर्शाता है। यह पर्व पति-पत्नी के रिश्ते की मजबूती का प्रतीक माना जाता है।

Profile Picture

संपादक : एफ यू खान

संपर्क: +91 9837215263

संबंधित ख़बरें

Leave a Comment