हल्द्वानी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कुमाऊं मंडल के हजारों किसानों की किस्मत अटक गई है। कृषि विभाग की लापरवाही और किसानों की उदासीनता के कारण 17,800 किसानों की अब तक आधार सीडिंग और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, जिसके चलते उनकी अगली किस्त की धनराशि रोक दी गई है।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2018 को की गई थी। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है — जो ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इस राशि का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को बीज, खाद और कृषि उपकरणों की खरीद में आर्थिक सहयोग देना है।कृषि विभाग के अनुसार, कुमाऊं में जिन किसानों की सम्मान निधि फिलहाल रुकी हुई है, उनकी संख्या जिलावार इस प्रकार है —नैनीताल: 1,626 किसानअल्मोड़ा: 4,686 किसानचंपावत: 1,520 किसानबागेश्वर: 1,501 किसानपिथौरागढ़: 2,639 किसानऊधमसिंह नगर: 2,864 किसानविभागीय टीमों के प्रयासों के बावजूद कई किसान अब तक आधार सत्यापन और ई-केवाईसी कराने के लिए आगे नहीं आए हैं। इस कारण केंद्र सरकार की ओर से जारी की जाने वाली राशि उनके खातों में नहीं पहुंच पाएगी।कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक पी.के. सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे तुरंत आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा आगामी किस्तों का भुगतान रोक दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग लगातार ऐसे किसानों की सूची तैयार कर रहा है और गांव स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि कोई पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
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