देहरादून। हाल के महीनों में आपदा की मार झेलने के बाद देवभूमि उत्तराखंड ने इस त्योहारी सीजन में अपनी आर्थिक ताकत और जज़्बे से नई कहानी लिख दी है। धराली, थराली और देहरादून जैसी जगहों पर आई विनाशकारी आपदाओं के बावजूद दीपावली तक राज्य के बाजारों में अभूतपूर्व रौनक लौट आई। सबसे बड़ी बढ़ोतरी ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिली, जहां जीएसटी सुधारों और उपभोक्ताओं के बढ़े विश्वास के कारण बिक्री ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। टू-व्हीलर मार्केट में इस बार 30 से 35 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि चार पहिया वाहनों की बिक्री में भी करीब 20 फीसदी का उछाल देखने को मिला।कारोबारियों का कहना है कि इस बार न केवल शहरों में, बल्कि पहाड़ी जिलों में भी वाहन खरीदारी में उत्साह देखने को मिला। राज्यभर के शोरूम्स में ग्राहकों की भीड़ ने अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी। जीएसटी में राहत और फाइनेंसिंग में आसानी के कारण उपभोक्ताओं ने बड़े स्तर पर निवेश किया। वहीं सोना-चांदी महंगा होने के बावजूद सराफा कारोबार में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई।आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह त्योहारी उछाल न केवल बाजारों की बहाली का संकेत है, बल्कि राज्य के राजस्व में नई मजबूती का प्रतीक भी है। आपदा से उबरते उत्तराखंड ने यह साबित कर दिया है कि जब इच्छाशक्ति, नीति सुधार और उपभोक्ता विश्वास एक साथ आते हैं, तो विपरीत परिस्थितियां भी विकास की दिशा में बदल सकती हैं। दीपावली के अवसर पर देवभूमि के बाजारों में लौटी यह रौनक राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नई शुरुआत का संकेत मानी जा रही है।
संपादक : एफ यू खान
संपर्क: +91 9837215263
