देहरादून। उत्तराखंड ने स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इस नीति के लागू होने के बाद उत्तराखंड “सॉल्यूशन स्टेट” के रूप में विकसित होगा। एआई नीति का मुख्य उद्देश्य शासन व्यवस्था, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा तैयार इस नीति का मसौदा उत्तराखंड को तकनीकी रूप से सशक्त और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (UCOST) ने भी एआई के प्रयोग को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष एआई इकाइयां स्थापित करने की सिफारिश की है।ड्राफ्ट में एआई शिक्षा की शुरुआत, एआई एक्शन प्लान, स्टार्टअप्स को बढ़ावा, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर फोकस, शासन और सार्वजनिक सेवाओं में जनरेटिव एआई की तैयारी, एआई क्लस्टर निर्माण, एमएसएमई और पर्यटन क्षेत्र में एआई तकनीक के प्रयोग को विशेष रूप से शामिल किया गया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि एआई नीति को राज्य की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति से जोड़ा जाएगा, ताकि सभी विभागों में डिजिटल गवर्नेंस को एकीकृत किया जा सके और उत्तराखंड को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य के रूप में विकसित किया जा सके।
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