दिल्ली से देहरादून की दूरी को महज ढाई घंटे में तय करने वाले दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन एक बार फिर टल गया है। करीब 210 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का उद्घाटन मूल रूप से अक्टूबर 2025 में प्रस्तावित था, जिसे अब नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। एनएचएआई के अनुसार, एक्सप्रेसवे के अंतिम चरण में आने वाली तकनीकी दिक्कतों और पर्यावरणीय मंजूरी से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से शुरू होकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक फैला हुआ है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। परियोजना का सबसे अहम हिस्सा 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर है, जिसे एशिया का सबसे बड़ा माना जा रहा है। हालांकि, इस हिस्से में मानसूनी सीजन के बाद कुछ संरचनात्मक सुधार कार्य आवश्यक पाए गए हैं, जिनके चलते उद्घाटन आगे बढ़ाना पड़ा। एनजीटी द्वारा पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव मार्ग के सत्यापन से जुड़ी अतिरिक्त औपचारिकताएँ भी फिलहाल जारी हैं। भूमि अधिग्रहण और अनुबंधों की प्रक्रिया में आई रुकावटों ने भी परियोजना की गति धीमी कर दी है। एनएचएआई का कहना है कि एक्सप्रेसवे के अधिकांश हिस्से का काम पूरा हो चुका है और जनता के लिए कुछ सेक्शन पहले ही खोल दिए गए हैं, पर फेज़-4 का काम पूरा होने के बाद ही पूर्ण संचालन शुरू होगा। पूरी तरह शुरू होने के बाद यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा समय को 5–6 घंटे से घटाकर ढाई घंटे कर देगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार देगा। फिलहाल, यात्रियों और कारोबारियों को इस हाई-स्पीड मार्ग के लिए कुछ और महीने इंतजार करना होगा।
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