सीमांत मिलम को पर्यटन की नई पहचान देंगे सीएम धामी, कहा- ‘साहसिक पर्यटन से बदलेगा जिले का भविष्य’

मुनस्यारी (पिथौरागढ़) के उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित मिलम गांव बुधवार को एक ऐतिहासिक दिन का साक्षी बना, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं दुर्गम पहाड़ियों और ऊंचाई भरे मार्गों को पार करते हुए यहां पहुंचे। यह पहली बार था जब किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चीन सीमा से सटे इस अत्यंत कठिन और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों के बीच पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ाया और देश की सीमाओं की रक्षा में उनके अदम्य साहस की प्रशंसा की। उन्होंने आईटीबीपी की वर्दी पहनकर जवानों के साथ समय बिताया और कहा कि “देश के ये सपूत विषम परिस्थितियों में भी दुश्मनों के दांत खट्टे कर रहे हैं, जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।”मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से उत्तराखंड का सीमांत क्षेत्र अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के आदि कैलाश, गुंजी और ज्योलिंगकांग क्षेत्रों के दौरे के बाद जिस तरह इन स्थानों को नई पहचान मिली है, उसी तरह अब मिलम को भी पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism), ट्रैकिंग मार्गों के विकास, स्थानीय होमस्टे, और पर्यावरण संरक्षण आधारित योजनाओं पर फोकस कर रही है ताकि यह क्षेत्र राज्य के पर्यटन का केंद्र बिंदु बन सके।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मिलम को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने से न केवल जिले के पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मिलम में नंदा देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण और बिलजू गांव में सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का केंद्र है और इसके पुनर्विकास से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान ग्राम प्रधान विनोद नितवाल और बाला सिंह रलमवाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक ढंग से गर्मजोशी से स्वागत किया।धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए समर्पित है और प्रधानमंत्री मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए यहां के उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले समय में मुनस्यारी और मिलम जैसे क्षेत्र उत्तराखंड की पर्यटन अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेंगे।मुख्यमंत्री के इस दौरे ने न केवल सीमांत क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक नई उम्मीद जगाई है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि उत्तराखंड सरकार अब राज्य के हर उस कोने तक पहुंचना चाहती है, जहां अब तक विकास की किरण सीमित रही थी।

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संपादक : एफ यू खान

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