रजत जयंती पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनता को संबोधन – कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के दिल में बसता है उत्तराखंड, अब राज्य को स्वर्णिम भविष्य की ओर ले जाने का समय है”

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को प्रदेश की जनता को रजत जयंती के अवसर पर संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की रजत जयंती राज्य के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और भविष्य के संकल्प का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में रजतोत्सव को एक बड़े समारोह के रूप में मनाया जाएगा ताकि हर नागरिक इस गौरवशाली यात्रा का सहभागी बन सके।मुख्यमंत्री धामी ने भावुकता के साथ कहा कि उत्तराखंड की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के अथक प्रयासों और राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान से संभव हुई। उन्होंने कहा कि “जिन लोगों ने इस राज्य के लिए संघर्ष किया, उनके प्रति मैं नतमस्तक हूं। उनके त्याग और बलिदान की बदौलत आज हम अपने राज्य की 25 वर्षों की यात्रा का जश्न मना रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। “मोदी जी के दिल में उत्तराखंड बसता है, और उनके मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है,” उन्होंने कहा।मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी वर्षों में उत्तराखंड को स्वर्णिम भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि 2050 में जब राज्य अपनी स्वर्ण जयंती मनाएगा, तब तक उत्तराखंड को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करना उनका लक्ष्य है। इसी दिशा में राज्य सरकार विकास की यात्रा को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रजत जयंती के उपलक्ष्य में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें तीन नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व का क्षण है कि राष्ट्रपति स्वयं इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड की जनता को संबोधित करेंगी।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महिला शक्ति की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि राज्य निर्माण से लेकर राज्य संचालन तक महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड की महिलाएं हमारे समाज की रीढ़ हैं – चाहे वह कृषि क्षेत्र हो, सामाजिक कार्य हों या प्रशासनिक योगदान।”मुख्यमंत्री धामी ने आगे बताया कि रजत जयंती समारोह के साथ ही राज्यभर में सांस्कृतिक, सामाजिक और विकासोन्मुखी कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के भीतर ही नहीं, बल्कि देशभर और विदेशों में बसे उत्तराखंडवासियों का भी इस विकास यात्रा में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष आयोजित प्रवासी सम्मेलन में देश-विदेश में रह रहे उत्तराखंडियों ने अपने गाँवों के विकास से जुड़ने का संकल्प लिया था, जो आज कई स्तरों पर सफल हो रहा है।मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने आज आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आपदा ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुँचाया है, लेकिन सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे रजत जयंती को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि “उत्तराखंड के स्वर्णिम भविष्य की यात्रा की नई शुरुआत” के रूप में मनाएं। उन्होंने कहा, “यह समय आत्मगौरव के साथ-साथ आत्मसंकल्प का है। आने वाले 25 वर्ष हमारे राज्य को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के होंगे।”

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