देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस जवानों, कर्मचारियों, शिक्षकों और नागरिकों ने अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।मुख्यमंत्री ने परेड में भाग लेने वाले पुलिस कर्मियों, एनसीसी कैडेट्स, होमगार्ड, स्काउट-गाइड और सांस्कृतिक दलों की सराहना करते हुए कहा कि बीते 25 वर्षों में उत्तराखंड ने अनेक चुनौतियों का सामना कर देश के सशक्त राज्यों में अपनी पहचान बनाई है।—महिला सुरक्षा और विकास में अग्रणी है उत्तराखंडसीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि—महिला अपराधों के निराकरण में राज्य ने राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है।गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर है।नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में राज्य को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।चार गांव — जल, हरसिल, गंजी और सूफी — को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है।—राज्यपाल बोले – “युवा तकनीक की भाषा समझें”राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने आधुनिक पुलिस बल के रूप में अपनी पहचान बनाई है और साइबर अपराध से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैयार किए गए हैं।उन्होंने कहा — “एआई के इस युग में हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि उत्तराखंड का युवा तकनीक की भाषा समझे। स्वदेशी के मंत्र के साथ आगे बढ़कर हम विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं।”राज्यपाल ने मातृ शक्ति की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि जल, जंगल और पहाड़ के संरक्षण में महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है।—सीएम धामी की प्रमुख घोषणाएंराज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं कीं —1. साइबर कोआर्डिनेशन सेंटर की स्थापना कर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाया जाएगा।2. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार कर “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान को बल मिलेगा।3. राजकीय विद्यालयों में भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष बनाया जाएगा।4. फॉर्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी, जिससे फसलों को जंगली व आवारा पशुओं से सुरक्षा मिले।5. प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु विशेष संवर्धन योजना शुरू होगी।6. उच्च शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज व प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।7. केदार खंड मंदिर माला मिशन की शुरुआत की जाएगी, मानसखंड मिशन की तर्ज पर।8. रुद्रप्रयाग जनपद का विकास “आदर्श चंपावत” मॉडल पर किया जाएगा।9. पूर्णागिरि-शारदा कॉरिडोर, अंजनीसेन व बेला केदार क्षेत्र को स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।10. प्रत्येक जिला अस्पताल में डायबिटीज क्लिनिक स्थापित होंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की मुफ्त स्क्रीनिंग की जाएगी।—‘सेवा परमो धर्म’ को जीवन मंत्र मानकर कार्य कर रही है उत्तराखंड पुलिसमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं — चारधाम यात्रा, कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा और प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी राज्य पुलिस ने हर परिस्थिति में जनता की सेवा की है।सीएम ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का आदर्श वाक्य ‘सेवा परमो धर्म’ केवल नारा नहीं, बल्कि उनके जीवन का अटल संकल्प है।
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