कुमाऊं दौरे पर मुख्यमंत्री धामी का बड़ा बयान: देवभूमि की बदलती डेमोग्राफी पर गंभीर चिंता, ‘सांस्कृतिक विरासत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
कुमाऊं के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी और काठगोदाम में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान देवभूमि उत्तराखंड की बदलती डेमोग्राफी पर गहरी चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, पहचान और सामाजिक संरचना पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी और सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि राज्य के मूल निवासियों के मन में असुरक्षा का भाव पनपने नहीं दिया जाएगा और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही है, जो योजनाबद्ध तरीके से सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि उत्तराखंड आज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है। जहां कभी बाहरी हस्तक्षेप या संदिग्ध गतिविधियों का कोई अस्तित्व नहीं था, वहां अब जिहाद-प्रेरित मानसिकता वाले लोग व्यवस्थित रूप से बसने लगे हैं और खुद को स्थानीय निवासी बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठित समूहों द्वारा देवभूमि की डेमोग्राफी के साथ सुनियोजित तरीके से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने लैंड जिहाद के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है। धामी ने यह भी दोहराया कि प्रदेश में लव जिहाद, थूक जिहाद और अन्य विकृत मानसिकता वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी ऐसी किसी गतिविधि को देवभूमि में जगह नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उत्तराखंड केवल भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक पहचान के कारण देवभूमि कहलाता है, और सरकार इस पहचान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक संतुलन कायम रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और इसके लिए कानून से लेकर प्रशासनिक स्तर तक सभी दिशा में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
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