रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक के धारकोट गांव में एक नाबालिग युवक का विवाह होने से ठीक पहले ही प्रशासनिक टीम ने हस्तक्षेप कर शादी रुकवा दी। जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय बालक का विवाह अगस्त्यमुनि ब्लॉक के नजदीकी ग्रामसभा की 22 वर्षीय बालिग युवती से तय किया गया था। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने के चलते परिवारों ने शादी की सहमति दे दी थी, लेकिन लड़का नाबालिग होने के कारण यह विवाह कानूनन अवैध था। मामले की सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक सुरेंद्र रावत, ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री और पुलिस कांस्टेबल विकेश सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने परिवारजनों से विस्तार से बातचीत कर उन्हें समझाया कि नाबालिग की शादी करना बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत पूरी तरह गैरकानूनी है और इससे बच्चे के भविष्य, स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ता है। जागरूकता के बाद दोनों पक्ष शादी रोकने के लिए तुरंत सहमत हो गए। प्रशासन ने इसे समय पर की गई एक महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया, जिसने एक नाबालिग को बाल विवाह से बचाने में अहम भूमिका निभाई।
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