देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) द्वारा शुरू की गई नई पहलें आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं को नई दिशा देने वाली हैं। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड 2027 की राह में विज्ञान और तकनीक निर्णायक भूमिका निभाएंगे, और राज्य विज्ञान के क्षेत्र में “प्रेरक राज्य” के रूप में उभरेगा।सीएम धामी ने कहा कि यूकॉस्ट की कोशिशें न केवल युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ाने में मदद करेंगी बल्कि राज्य में नवाचार, शोध और प्रौद्योगिकी आधारित विकास की मजबूत नींव भी तैयार करेंगी।यूकॉस्ट की उपलब्धियाँ और नई पहलेंयूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य में पहली बार शुरू की गई अनेक पहलें विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में ऐतिहासिक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया:राज्य का पहला विज्ञान रेडियो (88.8 MHz) स्वीकृत हुआ है, जो विज्ञान को सरल, रोचक और जनहितकारी रूप में लोगों के घर-घर तक पहुँचाएगा।शी फॉर STEM कार्यक्रम पहली बार शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।सभी 13 जिलों में ‘लैब ऑन व्हील्स’ मोबाइल विज्ञान प्रयोगशालाएँ संचालित हो रही हैं, जिससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में पहली बार 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और शोध संस्कृति को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।प्रो. पंत ने कहा कि ये पहलें विज्ञान को वर्ग विशेष तक सीमित नहीं रहने देंगी, बल्कि पूरे राज्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की संस्कृति को मजबूत करेंगी।
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