देहरादून सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक ढाई घंटे से अधिक चली, जिसमें कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय जन विश्वास नियोजन एक्ट से जुड़ा रहा, जिसके तहत छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा को हटाकर उसकी जगह अर्थदंड का प्रावधान लागू किया गया है, जिससे आम नागरिकों और छोटे व्यवसायियों को राहत मिलेगी। यह बैठक लगभग 15 दिन बाद आयोजित हुई थी, इसलिए उपनल कर्मचारियों और देहरादून के वकीलों की निगाहें भी इस बैठक पर टिकी थीं, लेकिन उपनल कर्मियों के नियमितीकरण, समान कार्य के समान वेतन द्वारा उनके वेतनमान के निर्धारण और वकीलों की लंबित मांगों पर किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं लिया गया। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े संविदा विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति में छूट से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मंजूरी नहीं मिल सकी, जबकि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी को देखते हुए इस प्रस्ताव पर काफी उम्मीदें थीं। इसके अलावा बैठक में शिक्षा, शहरी विकास, स्वास्थ्य, साइलेज नीति और अन्य विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा तो हुई, लेकिन कई निर्णय फिलहाल टल गए। कुल मिलाकर बैठक में कुछ बड़े प्रशासनिक और विधिक फैसले लिए गए, जबकि कई अपेक्षित प्रस्तावों पर सरकार ने कोई निर्णय नहीं किया।
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