सितारगंज के विस्थापितों को बड़ी राहत: कैबिनेट ने 2004 के सर्किल रेट से नियमितीकरण मंजूर किया

देहरादून। प्रदेश सरकार ने सितारगंज के कल्याणपुर क्षेत्र में भूमि पट्टे के नियमितीकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बड़ा राहतकारी निर्णय लिया है। कैबिनेट ने यहाँ के विस्थापित परिवारों के लिए सर्किल रेट को वर्ष 2004 के हिसाब से तय करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से कल्याणपुर के सौ से अधिक परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने का रास्ता खुल गया है।पूर्व में वर्ष 2016 का सर्किल रेट लागू किया गया था, जिसके आधार पर प्रति एकड़ लगभग 38 लाख रुपये देने की बाध्यता बन रही थी। विस्थापित परिवारों के लिए यह राशि अत्यधिक भारी साबित हो रही थी, जिससे मामला लगातार लंबित और विवादित हो रहा था। अब 2004 के सर्किल रेट लागू होने से इस राशि में आधे से अधिक की कमी आने का अनुमान है।गौरतलब है कि सितारगंज कल्याणपुर क्षेत्र में धारचूला और अल्मोड़ा मैग्नेसाइट के सौ से अधिक विस्थापितों को भूमि के पट्टे दिए गए थे। इन पट्टों पर भूमिधरी अधिकार देने की प्रक्रिया वर्षों तक अटकी रही। जुलाई 2025 में नियमितीकरण के लिए सर्किल रेट वर्ष 2016 के अनुसार निर्धारित किया गया था, जिससे प्रति परिवार बड़ी आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई थी। विस्थापितों ने इस मुद्दे को कई बार उठाया, जिसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। 2016 के सर्किल रेट के आधार पर भुगतान करना कई परिवारों के लिए संभव नहीं था और यह बात सरकार के संज्ञान में लाई गई थी। उन्होंने कहा कि अब 2004 के रेट को लागू करने से लोगों को वास्तविक राहत मिलेगी और नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।सरकार का कहना है कि यह निर्णय न केवल विस्थापित परिवारों की आर्थिक बोझ को कम करेगा, बल्कि भूमि अधिकार से जुड़ी पुरानी जटिलताओं को खत्म करने में भी मदद करेगा।

Profile Picture

संपादक : एफ यू खान

संपर्क: +91 9837215263

संबंधित ख़बरें

Leave a Comment