उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नकल माफियाओं के खिलाफ एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राज्य में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के बाद अब नकल करने और कराने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है। जनपद नैनीताल में रविवार को आयोजित घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव–2025 के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नकल को एक संगठित अपराध और उद्योग के रूप में चलाने वाले माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पहले नकल के कारण मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता था, लेकिन सख्त कानून और लगातार कार्रवाई के चलते अब ईमानदार छात्रों को आगे बढ़ने का वास्तविक अवसर मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे किसी भी तरह के गलत रास्ते, सिफारिश या नकल के भरोसे न रहें, बल्कि पूरी ईमानदारी, लगन और मेहनत से अपनी तैयारी करें। उन्होंने दो टूक कहा कि उत्तराखंड में अब चयन केवल योग्यता और परिश्रम के आधार पर ही होगा। सीएम धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शने वाली नहीं है और नकल माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति आगे भी सख्ती से लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है, जहां योग्य प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले और उत्तराखंड की पहचान ईमानदार, पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रणाली के रूप में स्थापित हो।
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