बिहार के जमुई जिले में जसीडीह-झाझा मुख्य रेलखंड पर शनिवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया, जिससे पटना–हावड़ा समेत कई महत्वपूर्ण रेल रूटों पर लंबा असर पड़ा। टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के समीप आसनसोल से झाझा की ओर जा रही अपलाइन मालगाड़ी अचानक पटरी से उतर गई। इस दुर्घटना में मालगाड़ी के कुल 17 डिब्बे डिरेल हो गए, जिनमें से कई डिब्बे रेलवे पुल पर ही पलट गए, जबकि कुछ डिब्बे नीचे नदी में गिर गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में तेज आवाज के साथ अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई यात्री ट्रेन मौजूद नहीं थी, जिससे एक बड़ा जान-माल का नुकसान टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले इसी ट्रैक से पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजर चुकी थी, जिसके बाद मालगाड़ी के डिरेल होने से रेल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।हादसे के बाद जसीडीह-किऊल रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया, जिसका असर करीब 13 घंटे से अधिक समय तक देखा गया। इस रूट से गुजरने वाली कई यात्री और मालगाड़ियों को रास्ते में ही रोक दिया गया, जबकि कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से 9 ट्रेनों के रूट बदले, वहीं एक ट्रेन को पूरी तरह रद्द कर दिया गया। पटना–हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, पंजाब मेल, हावड़ा–राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, साउथ बिहार एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया, जिससे यात्रियों को लंबी देरी और असुविधा का सामना करना पड़ा। खासकर जसीडीह और आसपास के स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्री पूरी रात फंसे रहे। रेलवे के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बहाली कार्य के लिए विशेष टीमें मौके पर भेज दी गईं और युद्धस्तर पर ट्रैक को दुरुस्त करने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत में कई घंटे लग सकते हैं, जिसके बाद ही रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य हो पाएगा। इस घटना ने एक बार फिर रेल पटरियों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संपादक : एफ यू खान
संपर्क: +91 9837215263
