छात्रों के लिए सिर कटाने को भी तैयार: सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को एक भावुक बयान देते हुए कहा कि अगर छात्रों के हित और उनके भविष्य की रक्षा के लिए सिर कटाना पड़े, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए झुकना तो दूर, यदि आवश्यकता पड़ी तो प्राणों की आहुति देने में भी पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि वे ही देश का भविष्य हैं।सीएम धामी ने कहा, “गर्मी के मौसम में हमारे बेटे-बेटियां धरने पर बैठे थे और अपनी मांगें रख रहे थे। कुछ लोगों को यह लगा होगा कि मैं वहां क्यों गया, क्या मैं झुक गया? लेकिन मेरा मानना है कि बच्चों के लिए झुकना क्या, अगर उनके लिए सिर कटाना भी पड़े तो सिर कटाएंगे। वे हमारे देश का भविष्य हैं। उनके लिए संवाद और समाधान दोनों जरूरी हैं।”मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि संवाद की कमी के कारण कुछ गलतफहमियां पैदा हो गई थीं। उन्होंने कहा कि जब बच्चों से सीधे बातचीत की, तो स्थिति स्पष्ट हो गई और समस्या का समाधान भी निकला।—वृद्धजन दिवस पर कार्यक्रम में हुए शामिलमुख्यमंत्री धामी बुधवार को ‘वृद्धजन दिवस’ के अवसर पर देहरादून के हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में बुजुर्गों के कल्याण और देखभाल के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य, उपचार, आश्रय और सम्मान से जुड़ी इन योजनाओं का लाभ समाज के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी वर्ग तक पहुंच रहा है।सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में रुद्रपुर और देहरादून में अत्याधुनिक वृद्धाश्रम बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में वृद्धाश्रम स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए इस वर्ष 150 से अधिक मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि हर जिले में समय पर वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं और समस्याओं का समाधान हो सके।सरकार ने इस वर्ष वृद्धजनों की आंखों की समस्या विशेषकर मोतियाबिंद के लिए 1,300 ऑपरेशन कराने का लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने तथा वृद्धजनों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों को 1,500 रुपये मासिक पेंशन दे रही है। मैं अपने बुजुर्गों से आशीर्वाद चाहता हूं, क्योंकि वे हमारी संस्कृति और मूल्यों के जीवंत रक्षक हैं।”—संघ के शताब्दी समारोह पर बोले धामीमीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा राष्ट्रवाद और समाज निर्माण की दृष्टि से अनुकरणीय रही है। चाहे आपदा की स्थिति हो या सामाजिक समरसता की बात, संघ ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया है।सीएम धामी ने कहा कि संघ की यह गौरवशाली यात्रा देश के वैभव और संस्कृति को आगे बढ़ाने वाली रही है। आज पूरे देश में इसके शताब्दी वर्ष को लेकर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय हैं।-

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