देहरादून। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शहरी विकास विभाग के तहत स्थानीय निकायों में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई। यह इकाई नगर स्वास्थ्य अधिकारियों के कार्यों का पर्यवेक्षण, स्वास्थ्य निधियों की निगरानी, मानव संसाधन प्रबंधन और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यों का संचालन करेगी।वित्त विभाग ने टेंडर प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब बिड सिक्योरिटी के लिए बैंक गारंटी या एफडीआर के साथ-साथ इंश्योरेंस सिक्योरिटी फॉर्म का भी विकल्प उपलब्ध रहेगा। वहीं, कारागार प्रशासन विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विंग के गठन को स्वीकृति दी गई है, जिसमें दो कंप्यूटर प्रोग्रामर और दो सहायक पद सृजित किए जाएंगे।इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने दैनिक वेतनभोगी, संविदा, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों के विनियमितिकरण नियमावली 2025 को भी मंजूरी प्रदान की।आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत राशि बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया है। अब मृतकों के परिजनों को एसडीआरएफ मद से 5 लाख रुपये, जबकि पक्के मकानों के ध्वस्त होने पर पर्वतीय क्षेत्रों में 3 लाख रुपये और मैदानी क्षेत्रों में 2.80 लाख रुपये के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।बैठक में “देवभूमि परिवार योजना” के तहत परिवार पहचान प्रमाण पत्र को भी मंजूरी मिली। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को एक यूनिक पहचान प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और लाभों की जानकारी एकीकृत रूप में प्राप्त होगी।इसके साथ ही, केंद्र पोषित बागवानी मिशन योजना में केंद्रांश के 40 प्रतिशत अनुदान का भुगतान अब राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
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