देहरादून। म्यांमार स्थित कुख्यात केके पार्क में साइबर गुलामी का एक और पीड़ित सामने आया है, जिसने अपनी आपबीती में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की भयावह तस्वीर उजागर की है। पीड़ित को देहरादून से पहले थाईलैंड ले जाया गया और वहां से जंगल और नदी के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार के केके पार्क पहुंचाया गया।पीड़ित के अनुसार, उसे वहां बंधक बनाकर रखा गया और रोजाना 18–18 घंटे साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया गया। लक्ष्य पूरा न होने पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। बाहर निकलने या संपर्क करने का कोई साधन नहीं दिया गया।पीड़ित ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में देहरादून के स्थानीय एजेंटों से लेकर दिल्ली और थाईलैंड तक के एजेंट शामिल थे, जिन्होंने उसे विदेश में बेहतर नौकरी का झांसा देकर फंसाया। थाईलैंड पहुंचने के बाद उसके पासपोर्ट और दस्तावेज जब्त कर लिए गए, जिसके बाद उसे जबरन म्यांमार भेज दिया गया।पीड़ित की आपबीती से यह स्पष्ट होता है कि म्यांमार का केके पार्क अब केवल एक ठगी केंद्र नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों का संगठित अड्डा बन चुका है, जहां भारत सहित कई देशों के युवाओं को फंसाकर साइबर ठगी करवाई जा रही है।मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बार फिर गंभीर चेतावनी है कि साइबर ठगी केवल ऑनलाइन अपराध नहीं, बल्कि मानव तस्करी और आधुनिक गुलामी का भी रूप ले चुकी है।
संपादक : एफ यू खान
संपर्क: +91 9837215263
