काशीपुर। काशीपुर के ग्राम पेगा निवासी किसान सुखवन्त सिंह पुत्र तेजा सिंह की प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा उसकी 4 करोड रुपए की रकम हड़पने के मामले में पुलिस से शिकायत करने पर पुलिस ने भी उसकी एक न सुनी जिसके चलते किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के होटल में अपने आप को गोली मारकर आत्महत्या कर ली और मरने से पहले एक वीडियो वायरल भी की जिसमें पूरे प्रकरण की बात सामने आई जिसमें उसने प्रॉपर्टी डीलरो और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के ऊपर गंभीर आरोप लगाए। यहां बता दें कि थाना आइटीआइ से जुड़े प्रकरण में घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना आईटीआई के दो उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार मृतक सुखवंत सिंह के प्रकरण में पुलिस स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों पुलिस अधिकारी वित्तीय नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता पाने के पात्र होंगे, हालांकि इसके लिए उन्हें यह प्रमाण पत्र देना होगा कि वे किसी भी प्रकार के सेवा, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों उपनिरीक्षक नियमानुसार पुलिस लाइन में निवास करेंगे। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी क्राइम एवं टीएएफ को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे प्रकरण की गहन एवं विस्तृत प्रारंभिक जांच कर तथ्यात्मक एवं स्पष्ट जांच रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत की जाए। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को विभागीय जवाबदेही की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रकरण को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जबकि चौकी पैगा पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।

उपनिरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला थानाध्यक्ष, थाना आईटीआई एवं उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट थाना आइटीआइ के विरुद्ध प्रकरण में बरती गई लापरवाही के संबंध में अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित/प्रचलित है। इसी के तहत दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही चौकी पैगा, पर नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। जिनमें उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार, अपर उप निरीक्षक सोमवीर सिंह, आरक्षी भूपेन्द्र सिंह, दिनेश तिवारी, शेख बनकोटी, सुरेश चन्द्र, योगेश चौधरी, राजेन्द्र गिरी, दीपक प्रसाद, संजय कुमार शामिल हैं।वही किसान सुखवंत सिंह के गोली मारकर आत्म हत्या किए जाने के मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा तत्काल संज्ञान में लेते हुए, उनके द्वारा कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। जिसको लेकर सोमवार को गमगीन माहौल में मृतक सुखबंत सिंह के परिजनों से मिलने पहुंचे उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह द्वारा पूरे प्रकरण जानने के उपरांत उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया, साथ ही प्रॉपर्टी डीलरो द्वारा मृतक सुखबंत सिंह के साथ की गई चार करोड़ से ऊपर की धोखाधड़ी करने बालों से 25 प्रतिशत रकम वापस करा दी गई है साथ ही 19 जनवरी तक पूरी रकम वापस कराए जाने का उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह द्वारा आश्वासन दिया गया है। ओर उन्होंने कहा जो परिजनों द्वारा जो लिखित रूप में कार्यवाही की जाएगी उस पर प्रशासन तत्काल कार्यवाही करेगा। वही परिजनों द्वारा प्रशासन के आश्वासन के उपरांत मृतक सुखबंत सिंह का आज अंतिम संस्कार किया गया है। जो अपने पीछे एक बेटा, पत्नी ओर भरा परिवार छोड़ गया है। उधर मृतक सुखवन्त सिंह के मामले में पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच में जुटी है। पुलिस को दी तहरीर मेें मंदिर फार्म ग्राम पैगा निवासी परविन्दर सिंह ने बताया कि उसके भाई व उसने बलवन्त सिहं उर्फ काला व कुलवन्त सिहं बक्सौरा कुण्डा से उनकी 07 ऐकड जमीन खरीदी थी तो बलवन्त सिंहं उर्फ काला व उसके भाई ने उससे व उसके भाई सुखवन्त सिहं को कहा था कि हमने यह जमीन आगे प्रोपर्टी डीलर अमरजीत सिहं, आशीष चौहान व कुलविन्दर सिहं बेच राखी है। जिनका ऑफिस काशीपुर में है आप उनसे ही अपना सौदा कर लेना। उसने व उसके भाई सुखवन्त सिहं ने अमरजीत सिहं, आशीष चौहान उर्फ पटवारी व कुलविन्दर सिहं से 34 लाख रुपये प्रति ऐकड के हिसाब से 6-84 ऐकड़ जमीन खरीदी थी जिसमे उनको रजिस्ट्री वाले दिन 50 लाख रुपये देने के लिए बोला था। तब वह पैसे लेकर गये थे पर बलवन्त सिंह उर्फ काला व उसके भाई ने हमे कोई रजिस्ट्री नहीं की थी। उसके बाद उसने व उसके भाई ने इन लोगो के काफी चक्कर लगाये कि आप हमे रजिस्ट्री करा दो पर वह लोग हमे टालते रहे जब उन्होने हमे जमीन की रजिस्ट्री नहीं की तो हमने अपनी बात अपने रिश्तेदार सुखवन्त सिहं पन्नू को हमने अपना मामला सुलझाने के लिए कहा तो उसने भी विपक्षीगण अमरजीत सिहं, आशीष चौहान उर्फ पटवारी व कुलविन्दर सिंह के साथ मिलकर बाजपुर रोड पर विमल कुमार पुत्र महीपाल सिहं का प्लॉट का सौदा 04 करोड 05 लाख रुपये करा दिया। तहरीर में बताया कि उसने व उसके भाई ने उक्त जमीन को खरीदने मे अमरजीत सिहं, आशीष चौहान उर्फ पटवारी व कुलविन्दर सिह के खाते मे 01 करोड 02 लाख रुपये तथा नकद कुल 02 करोड़ 80 लाख रुपये दिये थे। जिन्होने धोखाधडी कर उससे व उसके भाई से 03 करोड़ 82 लाख रुपये हडप लिये। बताया कि जब उसने व उसके मरे भाई ने कई बार इन लोगो को जमीन की रजिस्ट्री करने के लिये कहा तो ये लोग तैयार नही हुए और नहीं ही इन्होने हमारे पैसे वापस किये। जिससे उक्त लोगों की बजह से उसे में मरे भाई को मानसिक व शारीरिक बहुत परेशान किया जिससे तग आकर उसके भाई सुखवन्त ने हल्द्वानी मे देवभूमि होटल के कमरे मे 10 जनवरी की रात्रि में गोली मारकर आत्म हत्या कर ली है। पुलिस ने उक्त मामले में मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें अमरजीत सिहं, दिव्या, रविन्द्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविन्दर सिह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, इसकी पत्नी गिरवर सिह, महीपाल सिहं, शिवेन्द्र सिह, विमल व विमल की पत्नी, देवेन्द्र, राजेन्द्र, गुरप्रेम सिहं, जगपाल सिहं, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवन्त सिहं पन्नू, वीरपाल सिहं पन्नू, बलवन्त सिहं बक्सौरा, बिजेन्द्र, पूजा, और जहीर गडढा कालौनी शामिल है। साथ ही किसान सुखवंत द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में प्रशासन द्वारा उनके परिवार की लगभग मांगे पूरी करने का आश्वासन मिलने पर। सुखवंत सिंह के शव का अंतिम संस्कार गांव में बने श्मशान घाट पर कर दिया गया है। हालांकि इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पहले ही कुमाऊं कमिश्नर को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं आज प्रातः प्रशासनिक अधिकारी सुखवंत सिंह के घर पर पहुंचे तथा उनके परिवार जनों से मिलकर बात की जिस पर उनके परिवार वालों ने अपनी मांगे रखी, जिस पर एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने उनकी मांगों को मानते हुए कहा कि जितने भी लोग इसमें दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा पीड़ित परिवार की पूरी मदद की जाएगी। आश्वासन के बाद सुखवंत सिंह का शव का अंतिम संस्कार गांव में बने श्मशान घाट पर कर दिया गया है।
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