चंपावत जिले के तल्लादेश क्षेत्र के नीड़ गांव में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने रात्रि चौपाल लगाकर प्रशासन और जनता के बीच संवेदनशील संवाद की मिसाल पेश की, जहां उन्होंने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों के साथ भोजन किया, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। चौपाल के दौरान बुजुर्ग दिव्यांगों के प्रति मानवीय संवेदना दिखाते हुए जिलाधिकारी ने अपने हाथों से उनके कानों में श्रवण यंत्र लगाए, जिससे भावुक पल देखने को मिले। ग्रामीणों ने लाइब्रेरी में ठंड से बचाव के लिए ब्लोअर व हीटर, तारबाड़ निर्माण, पेयजल संकट के समाधान, युवाओं के लिए ओपन जिम, सोलर लाइट सहित कई मांगें रखीं, जिन्हें डीएम ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शीर्ष प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चौपाल के बाद जिलाधिकारी रात में ही दिव्यांग वृद्ध महिला परू देवी के घर पहुंचे, जहां उन्हें व्हीलचेयर व कंबल भेंट किए गए और स्वयं श्रवण यंत्र पहनाया गया—इस मानवीय व्यवहार से बुजुर्ग की आंखें भर आईं और उन्होंने डीएम को आशीर्वाद दिया। इसके अलावा चौपाल में दो ग्रामीणों को कान की मशीन, दो को व्हीलचेयर तथा अन्य जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, साथ ही राशन कार्ड ई-केवाईसी, आधार संशोधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बेटियों की पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर महिलाओं ने उन्हें गुरु गोरखनाथ जी की तस्वीर भेंट की। कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय कुमार, ग्राम प्रधान निर्मला पांडेय, बीडीओ अशोक अधिकारी, राजस्व निरीक्षक दीनदयाल वर्मा, उप निरीक्षक जीवन भट्ट, जीवन सिंह रिंगवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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