हल्द्वानी। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत की आत्महत्या के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच तेज कर दी है। आईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी टीम शनिवार को हल्द्वानी पहुंची और काठगोदाम स्थित उस होटल का निरीक्षण किया, जहां किसान सुखवंत ने आत्महत्या की थी। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा होटल प्रबंधन से भी आवश्यक जानकारी ली, वहीं फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी गहनता से जांच की गई। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में आईजी नीलेश आनंद भरणे ने स्पष्ट किया कि एसआईटी इस मामले की जांच पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और बिना किसी दबाव के करेगी। उन्होंने बताया कि जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए उधम सिंह नगर जनपद की पुलिस पीड़ित परिवार से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं करेगी। आईजी भरणे ने यह भी जानकारी दी कि पहले आईटीआई थाना काशीपुर में दर्ज एफआईआर को अब काठगोदाम थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है, ताकि जांच स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सके। साथ ही मृतक किसान सुखवंत के आवास की सुरक्षा व्यवस्था भी दूसरे जनपद की पुलिस द्वारा की जा रही है, जिससे परिवार पर किसी तरह का दबाव न पड़े। उन्होंने कहा कि आत्महत्या से पूर्व किसान सुखवंत द्वारा जिन-जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उन सभी से पूछताछ की जाएगी, जिसमें उधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा समेत सभी संबंधित पुलिस अधिकारी और कर्मी शामिल हैं। आईजी ने साफ शब्दों में कहा कि जांच में कोई भी व्यक्ति पद या प्रभाव के आधार पर नहीं बचेगा। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जबकि आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन रौतेला समेत कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और लाइन हाजिर किया जा चुका है। आईजी भरणे ने दोहराया कि जांच का उद्देश्य किसी को बचाना या फंसाना नहीं, बल्कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।
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