हरिद्वार। हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में अखंड ज्योति और माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी समारोह का भव्य शुभारंभ हो गया है। उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। ध्वज वंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक चेतना और गौरव को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि कभी गुलामी की मानसिकता से जूझ रहा देश आज अपनी सांस्कृतिक विरासत, मूल्यों और परंपराओं पर गर्व कर रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन के अंतर्गत पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के साधना के सौ वर्ष पूर्ण होने, अखंड ज्योति और माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षांत समारोह एक साथ आयोजित किया जा रहा है। त्रिवेणी संगम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए जाएंगे, जबकि 19 जनवरी को आयोजित दीक्षांत समारोह में लगभग डेढ़ हजार छात्र-छात्राओं को स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट की उपाधियां दी जाएंगी। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति व समारोह दल नायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने बताया कि यह समारोह भारतीय संस्कृति आधारित उच्च शिक्षा की विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए करीब 60 हजार साधक साक्षी बनेंगे, जिनके समक्ष राष्ट्र की चर्चित हस्तियां मेधावियों का सम्मान करेंगी। इसी दिन सायंकाल मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी स्वयंसेवकों का विशाल सम्मेलन भी आयोजित होगा, जिसमें सामाजिक, सांस्कृतिक और आत्मिक उत्थान का सशक्त संदेश दिया जाएगा। समारोह में आध्यात्मिक संतों के साथ राज्य के उच्च शिक्षामंत्री धनसिंह रावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
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