काशीपुर/हल्द्वानी।किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कुमाऊं आयुक्त के सवालों का जवाब देने के बाद अब एसएसपी को विशेष जांच टीम (SIT) के समक्ष पेश होकर जवाब देना होगा। मृतक के अंतिम वीडियो बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर SIT ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा, तत्कालीन आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला समेत पांच पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। वहीं, किसान सुखवंत सिंह के साथ कथित भूमि धोखाधड़ी के मामले में रजिस्ट्रार कार्यालय, तहसील कार्यालय और संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की जांच के लिए विभिन्न बैंकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि काशीपुर के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने 10 जनवरी की रात गौलापार स्थित एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर भूमाफियाओं पर करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था, जिसमें एसएसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित कुल 26 लोगों के नाम लिए गए थे। घटना के अगले दिन ऊधमसिंह नगर पुलिस ने सभी नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) ने SIT का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे कर रहे हैं। SIT में चंपावत के एसपी अजय गणपति, टनकपुर की सीओ वंदना वर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। भरणे के नेतृत्व में टीम ने हल्द्वानी और काशीपुर में घटनास्थल और मृतक के घर पहुंचकर साक्ष्यों का भौतिक सत्यापन किया है। SIT द्वारा कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने स्पष्ट किया है कि मृतक द्वारा जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम लिए गए हैं, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। जांच का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना
संपादक : एफ यू खान
संपर्क: +91 9837215263
