देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं के तहत चल रहे नदी सुरक्षा (रिवर प्रोटेक्शन) और डीसिल्टिंग कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ जैसी किसी भी आपदा से निपटने के लिए समय पर तैयारी बेहद ज़रूरी है और इसमें किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नदी सुरक्षा और जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं सीधे जनता की सुरक्षा और आजीविका से जुड़ी हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल बाढ़ का खतरा कम होगा, बल्कि कृषि और पेयजल व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा राज्यभर में जल संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। अब तक 708 चेक डैम बनाए जा चुके हैं, जिनसे वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल रही है।धामी सरकार का फोकस: पेयजल और सिंचाई दोनों परमुख्यमंत्री धामी को अवगत कराया गया कि ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार जिलों में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट लगाए गए हैं। इनसे प्रतिवर्ष लगभग 108.94 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होने की संभावना है, जिससे राज्य में पेयजल और सिंचाई दोनों क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों के तहत 09 वन प्रभागों में पेयजल विभाग और सारा (SARA) के सहयोग से 14 जल स्रोतों के संरक्षण और उपचार का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही कैम्पा योजना के अंतर्गत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है।वनाग्नि रोकथाम पर भी धामी सरकार सख़्तमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन विभाग को निर्देश दिए कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से पूरी तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक उपकरण, संसाधन और मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने वन पंचायतों और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों से नियमित संवाद बनाए रखने और जंगलों की सुरक्षा में बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री धामी ने फायर लाइनों की समय पर सफाई, वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने और निगरानी व्यवस्था को और मज़बूत करने पर ज़ोर देते हुए कहा कि सरकार प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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