देहरादून।उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार को एक दिलचस्प और सकारात्मक संदेश देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के आवास पहुंचकर उन्हें अपने खेत में पैदा हुए चावलों का एक कट्टा भेंट किया। यह भेंट केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि छह माह पहले हुए सियासी तंज का शालीन और गरिमामय जवाब मानी जा रही है।मुख्यमंत्री धामी ने जिस चावल का कट्टा पूर्व मुख्यमंत्री को सौंपा, उसकी खेती उन्होंने खुद की थी और खेत में हल भी स्वयं चलाया था। यही वजह है कि यह भेंट उत्तराखंड की राजनीति में खास चर्चा का विषय बन गई है।तंज से वादे तक का सफरदरअसल, यह पूरा मामला बीते वर्ष का है। खटीमा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने गांव नगला तराई पहुंचे थे, जहां उन्होंने खेत में उतरकर स्वयं हल जोता और धान की रोपाई की थी। इस दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गई थीं, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा था कि सीएम धामी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नकल कर रहे हैं।इस तंज पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने तब कहा था कि जब फसल तैयार हो जाएगी, तो वह उसके चावल पूर्व मुख्यमंत्री को भी भेंट करेंगे। शुक्रवार को उन्होंने अपने उस वादे को पूरा कर दिखाया, जो राजनीति में कम ही देखने को मिलता है।5 जुलाई को साझा की थीं खेती की तस्वीरेंगौरतलब है कि मुख्यमंत्री धामी ने बीते साल 5 जुलाई को अपने खेत में धान की रोपाई करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा था—> “खटीमा के नगला तराई में अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को अनुभव कर पुराने दिनों का स्मरण किया। अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा के संवाहक भी हैं।”इस पोस्ट के जरिए सीएम ने किसानों के प्रति सम्मान और अपने ग्रामीण जुड़ाव को भी दर्शाया था।राजनीतिक शिष्टाचार की मिसालशुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के आवास पर भेंट के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा—> “प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री हरीश रावत जी से उनके आवास पर भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर उन्हें अपने खेत के चावल भेंट किए।”वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस भेंट को सकारात्मक भाव से स्वीकार करते हुए कहा कि यह राजनीतिक परंपराओं में आपसी सम्मान, सद्भाव और शिष्टाचार का एक सुंदर उदाहरण है।उत्तराखंड की राजनीति में सकारात्मक संदेशइस पूरे घटनाक्रम को उत्तराखंड की राजनीति में कटुता से इतर संवाद और सौहार्द्र का प्रतीक माना जा रहा है। जहां एक ओर राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, वहीं मुख्यमंत्री धामी द्वारा वादा निभाकर और व्यक्तिगत रूप से पूर्व मुख्यमंत्री के आवास जाकर भेंट करना, राजनीति में शालीनता और परिपक्वता का संदेश देता है।इस तरह, चावल का एक कट्टा न केवल एक सियासी तंज का जवाब बना, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति की एक खूबसूरत तस्वीर भी पेश कर गया।
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