एमएसपी को बजट में शामिल न करना दुर्भाग्यपूर्णः आरडी खान

काशीपुर। प्रगतिशील काश्तकार आरडी खानन ने कहा है कि खेती के हिसाब से आम बजट औसत है। प्राकृतिक खेती से एक करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य सराहनीय है, लेकिन एमएसपी को बजट में शामिल न करना निराशाजनक है। काश्तकार श्री खान ने कहा कि सरकार को कृषि यंत्रों पर दी जा रही सब्सिडी को बढ़ाना चाहिए था, अगर कृषि यंत्रों को बढ़ावा मिलता है किसान नई तकनीकी खेती की ओर अग्रसर होंगे। साथ ही दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त बजट होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उत्तराखड में भी हरियाणा, पंजाब के हिसाब से गन्ने के दाम किसानों को नहीं मिल पा रहा है। बजट में किसान सम्मान निधि बढ़ाई गई है और ना ही किसानों की फसलों की सुरक्षा एवं किसानों की सुरक्षा के कोई प्रावधान है। जबकि करोना काल में संसार में भारत की अर्थव्यवस्था केवल देश के किसानों की वजह से ही बची थी। बजट में एमएसपी को लागू करने की कोई बात शामिल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसान लंबे समय से एमएसपी को लागू करने की मांग कर रहे हैं। किसानों को मांगों को बजट में अनदेखा किया गया है। सरकार का प्राकृतिक खेती पर एक करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य अच्छा है, लेकिन इसके लिए बाजारों की कमी है। सरकार को फसलों की बिक्री को सरल बनाने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने यूरिया के बैग में पांच किलो कटौती को भी निराशाजनक बताया।

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संपादक : एफ यू खान

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