देहरादून।उत्तराखंड सरकार ने हिंदी फिल्म ‘गोदान’ को राज्य में टैक्स-फ्री घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर आधारित फिल्मों को राज्य सरकार भविष्य में भी प्रोत्साहित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक पहल राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को सशक्त करने की सोच के अनुरूप है।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘गोदान’ जैसी फिल्में भारतीय संस्कृति, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक मूल्यों से समाज को पुनः जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाय केवल आस्था या धर्म का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। ऐसी फिल्मों को नीति स्तर पर समर्थन देना सकारात्मक सोच और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देता है।अन्य राज्यों में भी टैक्स-फ्रीउत्तराखंड से पहले उत्तर प्रदेश और ओडिशा में भी ‘गोदान’ को टैक्स-फ्री घोषित किया जा चुका है। इन राज्यों में फिल्म को गोसंरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने वाली बताया गया है। फिल्म को भारतीय परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और ग्रामीण जीवन के संवेदनशील चित्रण के लिए सराहा गया है।ग्रामीण और गोवंश संरक्षण से जुड़ा संदेशमुख्यमंत्री ने कहा कि सिनेमा जब सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक सरोकारों पर केंद्रित होता है, तो वह जनमानस को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस निर्णय को राज्य सरकार के गोवंश संरक्षण और ग्रामीण कल्याण से जुड़े व्यापक प्रयासों से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में गोशालाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि निराश्रित और बेसहारा पशुओं की बेहतर देखभाल हो सके। इसके साथ ही पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि ‘गोदान’ फिल्म किसान परंपराओं, ग्रामीण जीवन और भारतीय समाज में गाय के महत्व को केंद्र में रखकर बनाई गई है। फिल्म में साहिल आनंद, उपासना सिंह, राजेश जैस और मनोज जोशी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
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