उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) के निकट स्थित करीब 20 एकड़ भूमि एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। यह विवाद कथित तौर पर जमीन के ट्रांसफर और उसके उपयोग में बदलाव को लेकर शुरू हुआ है। जानकारी के अनुसार यह भूमि लगभग दो दशक पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एक इस्लामिक एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन स्थापित करने के उद्देश्य से आवंटित की गई थी, लेकिन अब आरोप सामने आ रहे हैं कि उक्त जमीन को छोटे-छोटे आवासीय प्लॉट में विभाजित कर बेचा जा रहा है। एजेंसी रिपोर्ट के मुताबिक विकासनगर के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विनोद कुमार की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि धौलास क्षेत्र में स्थित इस भूमि का उपयोग मूल उद्देश्य से हटकर किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल भूमि आवंटन की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा, बल्कि आईएमए जैसे संवेदनशील सैन्य प्रशिक्षण संस्थान की सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चिंता जताई जा रही है कि सैन्य प्रतिष्ठान के समीप अनियोजित आवासीय बसावट भविष्य में सुरक्षा जोखिम उत्पन्न कर सकती है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अभिलेखों, आवंटन की शर्तों, वर्तमान स्वामित्व और भूमि उपयोग परिवर्तन की वैधता की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
संपादक : एफ यू खान
संपर्क: +91 9837215263
