देहरादून। राजधानी देहरादून में हाल के दिनों में हुई दो सनसनीखेज वारदातों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2 फरवरी को सामने आए गुंजन हत्याकांड और 11 फरवरी को तिब्बती मार्केट के बाहर कारोबारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की घटनाओं ने शहरवासियों को झकझोर कर रख दिया है।बीती 2 फरवरी को दूल्हा बाजार क्षेत्र में सुबह करीब 11 बजे आकाश नामक युवक ने गुंजन के गले पर चापड़ से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। इस मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया और रिकॉर्ड समय में हत्यारोपी आकाश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को गंभीर मामलों में तेजी दिखाने के रूप में देखा गया।हालांकि, इसके तीन दिन बाद 11 फरवरी को हुई दूसरी वारदात ने फिर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। तिब्बती मार्केट के बाहर अज्ञात हमलावरों ने कारोबारी अर्जुन शर्मा को दिनदहाड़े गोली मार दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।जिस तरह से बेखौफ बदमाशों ने सरेआम गोलीबारी कर वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ है कि अपराधियों में कानून का डर कम होता नजर आ रहा है। राजधानी के व्यस्त इलाके में दिन के समय हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश में टीमें गठित की गई हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। लेकिन लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए और अधिक सख्त एवं रणनीतिक कदम उठाने की आवश्यकता है।शहरवासियों का कहना है कि राजधानी में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस अज्ञात हमलावरों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है और कानून-व्यवस्था को लेकर जनता का भरोसा कैसे बहाल किया जाता है।
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