काशीपुर। भगवान भोलेनाथ काजलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों के जत्थे काशीपुर पहुंचने शुरू हो गए हैं। हर-हर महादेव बम-बम भोले के जयकारों से काशीपुर का वातावरण शिवमय हो गया है। महाशिवरात्रि का महापर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य पर समय से पहुंचने के लिए कदम से कदम मिलाते चल रहे हैं। वहीं शिवभक्त भोलेनाथ के जायकारों से कांवड़ियों में ऊर्जा का संचार कर रहे थे। शिवभक्तों का यह सैलाब शनिवार की देर शाम तक जारी रहेगा। शिवभक्तों ने बैलजुड़ी तिराहा, श्मशान घाट शिव मंदिर परिसर, गंगे बाबा मंदिर, घास मंडी, तीर्थ द्रोणासागर परिसर समेत तमाम स्थानों पर कांवड़ियों के लिए भंडारे और ठहरने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए हैं। द्रोणा सागर डमरू वाले बाबा मंदिर में मुख्य पुजारी पंडित विष्णु गोस्वामी, अजय चौहान आदि कांवड़ियों की सेवा में जुटे रहे। वहीं नगर के मोटेश्वर महादेव मंदिर की देखरेख कर रहे पं- राघवेन्द्र नागर ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर आज दोपहर नगर के मौहल्ला लाहोरियान स्थित नागर निवास से ढोल नगाड़ों के साथ पं- विमल कुमार नागर हवन व पूजन के बाद पालकी ’(गणेश जी, भगवान सूर्य, नंदी जी, पार्वती जी) लेकर मोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेंगे। यह पालकी नगर के मुख्य बाजार, एमपी चौक, तीर्थ द्रोणासागर, टीला रोड होते हुए महादेव मंदिर पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि मंदिर पहुंचने के बाद पालकी से प्रतिमाओं को निकालकर मंदिर में विराजमान करने के साथ ही मेला प्रारंभ कर दिया जायेगा तथा आज रात्रि 12 बजे भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए जायेंगे। पं- राघवेन्द्र नागर ने बताया कि कल महाशिवरात्रि वाले रोज तृतीय पहर में हवन पूजन के साथ भगवान शंकर का माता पार्वती संग विवाह करवाया जायेगा। इसके बाद पं- राघवेन्द्र नागर, पं- अभिषेक नागर, पं- श्रीशंकर नागर, पं- सारंग नागर द्वारा रात्रि में चार पहर का पूजन किया जायेगा। अगले रोज 16 फरवरी की रात्रि संतो को भोजन (बम बोला) कराने के बाद पालकी उसी मार्ग से वापस आकर नागर निवास पर पहुंचेगी।








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