देहरादून। उत्तराखंड में अब शादी-विवाह जैसे विशेष अवसरों पर रसोई गैस की दिक्कत नहीं होगी। राज्य के खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने बड़ा फैसला लेते हुए बताया कि जिन परिवारों में शादी समारोह आयोजित हो रहा है, उन्हें अस्थायी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत संबंधित उपभोक्ता अपनी नजदीकी गैस एजेंसी में आवेदन कर दो व्यावसायिक गैस सिलिंडर प्राप्त कर सकते हैं, जिससे कार्यक्रम के दौरान ईंधन की कमी न हो।खाद्य आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगातार एलपीजी वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और अब तक 36,300 से अधिक घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से भी जोड़ा जा चुका है, जिससे लोगों को वैकल्पिक सुविधा मिल रही है।इसी के साथ विभाग ने गैस की कालाबाजारी और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में 87 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 15 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए और कुल 85,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई के दौरान 672 घरेलू और 139 व्यावसायिक गैस सिलिंडर भी जब्त किए गए, जो अवैध रूप से उपयोग या भंडारण में पाए गए थे।खाद्य आयुक्त ने यह भी कहा कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी जोर दिया जा रहा है। चंपावत जिले में पिरुल (चीड़ की पत्तियां) से ब्रिकेट बनाकर ईंधन के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल और सस्ता विकल्प साबित हो रहा है। इसके अलावा वन निगम को भी निर्देश दिए गए हैं कि डिपो में पर्याप्त मात्रा में लकड़ी उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को वैकल्पिक ईंधन मिल सके।सरकार के इस फैसले को आम लोगों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर उन परिवारों के लिए जहां शादी जैसे बड़े आयोजन में गैस की अतिरिक्त आवश्यकता होती है।
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