काशीपुर। श्री अग्रवाल सभा में साहित्य दर्पण संस्था के तत्वावधान में संस्था की स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित भव्य स्मारिका विमोचन एवं कवि सम्मेलन का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ एस- पाल सिंह रावत ने मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। पिछले पांच दशक से मां शारदे के चरणों में समर्पित साहित्य दर्पण संस्था साहित्य, संस्कृति और संस्कारों को सहेजते हुए अपनी स्वर्ण जयंती पर भव्य स्मारिका विमोचन और काव्य सम्मेलन का आयोजन किया। काव्य सम्मेलन का शुभारंभ संस्था महामंत्री कवि सोमपाल प्रजापति ने मां शारदे की वंदना के साथ किया। इस अवसर पर मुरादाबाद से पधारे गीतकार कवि श्रीकृष्ण शुक्ल ने- मिलना जुलना शादी उत्सव यारी रिस्तेदारी, एक लिफाफे में सिमटी है सारी दुनियादारी। पंक्तियों से वाह वाह लूटी।बहजोई से पधारे कवि रुप किशोर गुप्ता ने- ‘यहां विकता है पानी बोतलों में, लहू से रोज धरती भीगती है, लहू सस्ता है पानी कीमती है’ से श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर किया। संभल से अतुल कुमार शर्मा- ने सीऽो जीना जिंदगी को, कुछ अच्छे जज्बातों में। पीलीभीत से आये गीतकार अविनाश चंद्र ने- साफ पहले यहां आप मल कीजिए, बाद में गंगाजल आचमन कीजिए। फिरोजाबाद से हास्य व्यंग कवि डा- संजीव तपन ने तूफानों ने कुछ पेड़ों के पत्ते सभी झिंझोड़ दिए, वे मौसम बरसातों ने भी छप्पर सारे तोड़ दिये। मेरे गीत न कहे पाये जो मूक मोहब्बत शब्दों में, इसलिए तो प्रीति के सतिये दरवाजे पे छोड़ दिये से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। सुबोध कुमार शर्मा शेरकोटी ने कविता कामिनी बनकर जब भावों में आती है, अहसासों के आंगन में संवेदना जगाती है। शेष कुमार सितारा ने -सांस का हर सुमन है वतन के लिए। वरिष्ठ सर्जन एवं कवि डॉ- एसपाल सिंह रावत पथिक ने- आशा हो अभिलाषा तुम हो, मेरे मन की भाषा तुम हो, विजय कुमार कुशवाह ने सुनो मुझे भी ये दुनिया वालों, मेरा तराना नया नया है। डा- सुरेन्द्र मधुर ने किस तरह दोहरा हुआ आचरण है, आदमी एक अनपढ़ा सा व्याकरण है, सुरेन्द्र भारद्वाज ने पंख है तो उड़ने का हुनर दिखा, यूं जमीं की धूल उड़ानें से क्या होता है। वहीं संचालन कर रहे डा- प्रतोष मिश्रा ने राम ही साध्य है, राम आराध्या हैं। सोमपाल प्रजापति ने आज नीचे गिर गया इंसान इस कदर देखो वो विक रहा है ईमान इस कदर। मुनेश कुमार शर्मा ने कभी किसी की किस्मत में अंधेरे लिखे होते हैं। कुंवर विवेक मानस ने- छोटा छोटा कीजिए जीवन का विस्तार रचना पढ़ी। इसके साथ ही डा- पुनीता कुशवाह कैलास यादव शुभम लोहनी प्राची तिवारी समेत कवियों ने अपनी ओजमय हास्य व्यंग रचनाओं से स्वर्ण जयंती को यादगार बनाते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। अंत में संस्था अध्यक्ष जितेंद्र कुमार कटियार ने संस्था के पचास वर्षों के स्वर्णिम पलों को रखते हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ- प्रतोष मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के दौरान साहित्य दर्पण स्मारिका का विमोचन किया गया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि अग्रवाल सभा अध्यक्ष मनोज कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि ऽंड शिक्षा अधिकारी डीके साहू विशिष्ट अतिथि सावित्री देवी संस्था अध्यक्ष जितेंद्र कुमार कटियार सचिव सोमपाल प्रजापति उदयराज हिंदू इंटर कालेज प्रधानाचार्य बृजेश कुमार गुप्ता पूर्व प्रवक्ता संजय शर्मा अग्रपाल सिंह यादव कोषाध्यक्ष मुनेश कुमार शर्मा ईश्वर चंद्र गुप्ता जेपी अग्रवाल राजीव अरोड़ा मेजर मुनीशकांत शर्मा डॉ संजीव गुप्ता एमपी गुप्ता कौशलेश गुप्ता महेंद्र गुप्ता लोहिया मनोज शर्मा अर्चना लोहनी समेत श्रोतागण मौजूद रहे।

















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