उत्तराखंड में बिना कागजात वाहन चलाना पड़ेगा भारी, 19 जनवरी से लागू होगी ई-डिटेक्शन प्रणाली, सीमा में घुसते ही कटेगा चालान

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों और प्रदेश में वाहन चलाने वाले स्थानीय लोगों के लिए परिवहन विभाग ने सख्त व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। 19 जनवरी से प्रदेश में ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू की जा रही है, जिसके तहत बिना वैध बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट या रोड टैक्स वाले वाहनों का स्वतः ई-चालान किया जाएगा। इस प्रणाली के अंतर्गत राज्य के सात प्रमुख टोल प्लाजा से वाहनों की ई-निगरानी की जाएगी और उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते ही वाहन के दस्तावेजों की रियल टाइम जांच शुरू हो जाएगी। उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि ई-डिटेक्शन सिस्टम को परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे वाहन नंबर डालते ही उससे संबंधित सभी जानकारियां तुरंत सामने आ जाएंगी। यदि किसी भी वाहन का बीमा, परमिट, प्रदूषण या फिटनेस प्रमाणपत्र एक्सपायर या अवैध पाया गया तो सिस्टम उसे स्वतः डिफॉल्टर घोषित कर ई-चालान जारी कर देगा। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अवैध रूप से चल रहे वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि इसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं होगी, इसलिए वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने सभी कागजात दुरुस्त कर लें, अन्यथा भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

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संपादक : एफ यू खान

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