देहरादून। ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं, बल्कि जनकल्याण और खगोलीय घटनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण विज्ञान है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 8वें अमर उजाला–ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के उद्घाटन अवसर पर कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व के प्रतिष्ठित संस्थान भी ज्योतिष की उपयोगिता को स्वीकार कर रहे हैं और नासा जैसी संस्थाएं खगोलीय घटनाओं के अध्ययन में इसके महत्व को मान्यता दे चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब यह युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह इस प्राचीन भारतीय ज्ञान को वैश्विक मंच पर स्थापित करे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार और डमरू की नाद के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, ग्राफिक एरा समूह के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला सहित देश के जाने-माने ज्योतिषाचार्यों पंडित के.ए. दुबे पद्मेश, पंडित अजय भांबी, पंडित लेखराज और आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्राचीन और दिव्य ज्ञान में छिपे वैज्ञानिक रहस्यों को आम जनमानस तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है। इस प्रकार की पहल से निकलने वाले निष्कर्ष न केवल मानव जीवन और सामाजिक समस्याओं के समाधान में सहायक होंगे, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है, जिसे संरक्षित और संवर्धित करना हम सभी का दायित्व है।
संपादक : एफ यू खान
संपर्क: +91 9837215263
