उत्तरायणी कौथिक में भावुक हुईं गीता धामी, सीएम धामी की मेहनत और मां की भूमिका का किया मार्मिक उल्लेख

देहरादून में आयोजित उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी उस समय भावुक हो गईं जब वह मंच से लोगों को संबोधित कर रही थीं और अपने पति व मां की भूमिका पर बात कर रही थीं। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी ने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली और पूरे उत्तराखंड को अपना परिवार मानकर लगातार सेवा में जुटे हुए हैं, जिसकी एक पत्नी होने के नाते वह प्रत्यक्ष गवाह हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि लोग केवल मंच पर दिखाई देने वाले चेहरे को देखते हैं, लेकिन घर के भीतर किस तरह दिन-रात प्रदेश की चिंता और जिम्मेदारी निभाई जाती है, इसे वही समझ सकती हैं जो इस जीवन को पास से देखती हैं। गीता धामी ने कहा कि इस दुनिया में कई युग पुरुष हुए हैं, लेकिन समाज में आज भी महिलाओं को यह कहने में संकोच होता है कि वे गृहिणी हैं, जबकि सच्चाई यह है कि अगर मां और गृहिणी न हों तो किसी भी युग पुरुष का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने अपनी सास का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक साधारण गृहिणी थीं और उन्हीं संस्कारों और मूल्यों के कारण आज पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के मुख्यमंत्री बनकर जनता की सेवा कर रहे हैं। गीता धामी का यह भावुक संबोधन सुनकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग भी भावनाओं से भर उठे और पूरे पंडाल में संवेदनशील, सम्मानजनक और आत्मीय वातावरण बन गया, जिसने उत्तरायणी कौथिक महोत्सव को एक यादगार और भावनात्मक क्षण प्रदान किया।

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संपादक : एफ यू खान

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