पिथौरागढ़ में सीमावर्ती युवाओं के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती-पूर्व सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

गृह मंत्रालय एवं सशस्त्र सीमा बल मुख्यालय के निर्देशानुसार सोमवार को 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल पिथौरागढ़ के तत्वावधान में सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं और युवतियों के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों में भर्ती-पूर्व सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में निवास करने वाले युवाओं को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें देश की सुरक्षा से जोड़ना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कमांडेंट आशीष कुमार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में वाहिनी मुख्यालय पिथौरागढ़ के साथ-साथ सीमा चौकी जौलजीबी, झुलाघाट और बगडीहाट में एक साथ प्रारंभ किया गया, जहां संबंधित कंपनी कमांडरों द्वारा कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा की भावना तथा प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन सोसाइटी फॉर एक्शन इन हिमालया, पिथौरागढ़ के सहयोग से किया जा रहा है, जो आवश्यक संसाधन, समन्वय और सहयोग प्रदान कर प्रशिक्षण को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। शुभारंभ अवसर पर कमांडेंट आशीष कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवा देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति हैं और उनमें केंद्रीय सशस्त्र बलों में सेवा करने की अपार क्षमता है, इसलिए प्रशिक्षण अवधि के दौरान अनुशासन, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण बेहद आवश्यक है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौम्या हलदर ने शारीरिक स्वास्थ्य, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक मजबूती और चिकित्सा परीक्षण से जुड़ी अहम जानकारियां दीं तथा बताया कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही सशस्त्र बलों में सफलता की कुंजी है। कार्यक्रम में उप कमांडेंट अजय कुमार, त्रिभुवन प्रसाद और निमित अहलावत भी उपस्थित रहे, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया, प्रशिक्षण ढांचे और करियर अवसरों पर विस्तृत जानकारी देकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। वहीं, सोसाइटी फॉर एक्शन इन हिमालया के निदेशक जगत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं और भविष्य में भी इस दिशा में सहयोग जारी रखा जाएगा। सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा की तैयारी, सामान्य ज्ञान, जीवन कौशल और केंद्रीय सशस्त्र बलों में करियर से जुड़े विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो सीमावर्ती युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के साथ-साथ राष्ट्र की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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संपादक : एफ यू खान

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