मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग आज मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात कर रहे हैं, यदि वे उस समय सत्ता में आते तो निश्चित रूप से उसी दिशा में आगे बढ़ते, और यह सच्चाई अब जनता के सामने पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। दून विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह यह पूरा मामला सामने आया है, उससे स्थिति साफ हो गई है और संबंधित प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी। सहसपुर क्षेत्र में मदरसे के नाम पर एक ट्रस्ट को दी गई जमीन को बाद में अन्य लोगों को बेचे जाने के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि जमीन नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं दी गई या उसका दुरुपयोग किया गया है, तो नियम-कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो जमीन को सरकार में निहित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, तुष्टिकरण की राजनीति या नियमों से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान सीएम धामी ने डॉ. नित्यानंद की जन्म शताब्दी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में बिगड़ती डेमोग्राफी को लेकर बहुत पहले ही चिंता जताई थी और हिमालय तथा पर्यावरण संरक्षण पर भी गहन शोध किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. नित्यानंद के विचार और शोध आज भी प्रासंगिक हैं और राज्य सरकार उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में विकास, संस्कृति, सुरक्षा और जनभावनाओं के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार हर निर्णय कानून, संविधान और राज्यहित को ध्यान में रखकर लेगी।
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