पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता स्वर्गीय रमेश चंद्र सहगल को दी श्रद्धांजलि

काशीपुर। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने काशीपुर पहुंचकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता स्वर्गीय रमेश चंद्र सहगल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिवारजनों से मिलकर गहरा दुख व्यक्त किया। बता दे कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. रमेश चंद्र सहगल का 1 फरवरी 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। उनके निधन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बीती शाम करीब 7 बजे गिरीताल स्थित आवास पर पहुंचे और स्वर्गीय रमेश चंद्र सहगल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि,“स्वर्गीय रमेश चंद्र सहगल कांग्रेस पार्टी के समर्पित और जुझारू कार्यकर्ता थे। उन्होंने संगठन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका निधन पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे। इस दौरान उन्होंने अपने तीखे स्वर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह भी कहा कि उत्तराखंड की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने अभी से चुनावी मोर्चा संभालते हुए भाजपा सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है और 2027 में कांग्रेस निश्चित रूप से जीत हासिल करेगी। इस दौरान हरीश रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और मुख्यमंत्री आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी और न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। हरीश रावत ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी आगामी 16 फरवरी को देहरादून में राज्य भवन घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, महिला उत्पीड़न और प्रदेश में बढ़ते अपराधों के खिलाफ यह आंदोलन किया जाएगा। संगठन स्तर पर इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता देहरादून पहुंचेंगे। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने भले ही सीबीआई जांच की अनुमति दे दी हो, लेकिन जांच की निष्पक्षता पर उन्हें संदेह है। उनका कहना था कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जजों की निगरानी में या जजों की विशेष टीम से कराई जानी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के चेहरे से नकाब हटेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और जनता अब जवाब चाहती है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर हर मुद्दे पर संघर्ष करेगी। इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

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संपादक : एफ यू खान

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