तराई-भाबर क्षेत्र में साल की शुरुआत भले ही थोड़ी राहत के साथ हुई हो, लेकिन शीतलहर ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में शुक्रवार की सुबह घने कोहरे के साथ हुई, जिससे दृश्यता काफी कम रही। दिन के समय धूप जरूर निकली, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिल सकी। ठिठुरन भरे मौसम के बीच अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार दिन के अधिकतम तापमान में करीब 4.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया।शाम होते ही सर्द हवाओं का तेज प्रवाह शुरू हो गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहा। ठंडी हवा और कोहरे के कारण लोगों को बाहर निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रात के समय कोहरे ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे सड़क और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती दिखी। तराई के साथ-साथ पर्वतीय इलाकों में भी सर्दी का सितम और तेज हो गया है।नैनीताल जिले के सबसे ठंडे क्षेत्र मुक्तेश्वर में ठंड ने रिकॉर्ड के करीब पहुंचते हुए न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शून्य के करीब बना रहा। हालांकि दिन के समय चटख धूप खिलने से स्थानीय लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। यहां अधिकतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी शीतलहर और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है, जिससे ठंड से फिलहाल निजात मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।
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