गढ़वाल मंडल में भूमि धोखाधड़ी पर सख्ती, 200 मामलों की समीक्षा, कई में एफआईआर की तैयारी

देहरादून। गढ़वाल मंडल में बढ़ते भूमि धोखाधड़ी के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। देहरादून स्थित गढ़वाल आयुक्त कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में आयुक्त विनय शंकर पांडे ने लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण के लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए। बैठक में आईजी गढ़वाल, मंडल के सभी एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त ने जानकारी दी कि वर्ष 2021 से अब तक गढ़वाल मंडल में भूमि धोखाधड़ी के करीब 200 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 40 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध योजना के तहत जल्द निपटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 7 से 8 मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और कई अन्य मामलों का समाधान एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर किए जाने की संभावना है।प्रशासन ने इन मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था भी लागू की है, जिसके तहत अब किसी भी भूमि धोखाधड़ी के मामले में सीधे मुकदमा दर्ज नहीं होगा, बल्कि पहले लैंड फ्रॉड कमेटी की जांच और मंजूरी अनिवार्य होगी। इसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य जहां एक ओर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है, वहीं निर्दोष लोगों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से बचाना भी है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आमजन को भूमि संबंधी विवादों में त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान देना है। इसके लिए हर 15 दिन में समीक्षा बैठक आयोजित कर मामलों की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। कुल मिलाकर, नियमित मॉनिटरिंग और सख्त प्रक्रिया के जरिए प्रशासन भूमि धोखाधड़ी के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।

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संपादक : एफ यू खान

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