देहावसान के पश्चात भी श्रीमती राधा मेहरोत्रा और मधु गोयल की आंखें अब भी दुनिया में फैलाएगी रोशनी

काशीपुर। समाज सेवा और जनजागरूकता की मिसाल पेश करते हुए गोयल परिवार ने नेत्रदान कर क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। मैन बाजार निवासी ब्रह्मलीन श्रीमती मधु गोयल के निधन (29 अगस्त 2025) के उपरांत उनके पुत्र अक्षत गोयल और अभिषेक गोयल ने नेत्रदान की सहमति दी, जिससे उनकी आंखे अब दो नेत्रहीनों की जिंदगी में रोशनी भरेंगी। वहीं माता मंदिर रोड निवासी ब्रह्मालीन श्रीमती राधा मेहरोत्रा (पत्नी स्व- जगत नारायण मेहरोत्रा के 29 अगस्त को देहावसान के पश्चात उनके पुत्र विवेक मेहरोत्रा, विनीत मेहरोत्रा एवम विपुल मेहरोत्रा ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

बतादें कि 20 वर्ष पूर्व इनके सगे भाई का भी मुरादाबाद में नेत्रदान हुआ था। वसुधैव कुटुम्बकम् काशीपुर के माध्यम से संपन्न यह कार्य क्षेत्र का 18वां नेत्रदान रहा। संस्था की देखरेख में मुरादाबाद आई हॉस्पिटल की टीम ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दिवंगत के शरीर से कॉर्निया प्राप्त किया।संस्था के सचिव प्रियांशु बंसल ने जानकारी दी कि लोगों में प्रचलित भ्रांतियों के विपरीत नेत्रदान में केवल कॉर्निया निकाला जाता है, पूरी आंख नहीं। उन्होंने बताया कि जीवित रहते हुए घोषणा न करने पर भी, परिवार की सहमति से मरणोपरांत नेत्रदान संभव है। वहीं, संस्थापक सदस्य सीए सचिन अग्रवाल ने कहा कि भारत में करीब 1-2 मिलियन लोग कॉर्नियल अंधेपन से पीड़ित हैं और हर साल 20-25 हजार नए मामले सामने आते हैं। ऐसे में नेत्रदान उनके लिए नई जिंदगी बन सकता है। संस्था द्वारा नेत्रदान सहायता हेतु 24×7 हेल्पलाइन नंबर 98370 80678 और 95487 99947 जारी किए गए हैं।संस्था के अध्यक्ष विकास जैन, संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल, दीपक मित्तल, आशीष गुप्ता, अनुज सिंघल, अंकुर मित्तल, प्रियांशु बंसल, सीए सचिन अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने इस पुण्य कार्य हेतु गोयल परिवार का आभार व्यक्त किया और परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।वसुधैव कुटुम्बकम् ने क्षेत्रवासियों से आवाहन किया है कि वे भी मरणोपरांत नेत्रदान कर किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी फैलाने में सहयोग करें

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संपादक : एफ यू खान

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