31 मार्च की अर्धरात्रि में मां का डोला के गाजे बाजे के साथ वापस पहुंचेगा नगर मंदिर, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

काशीपुर। मां बाल सुंदरी देवी चैती मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मां बाल सुंदरी देवी का डोला 31 मार्च की अर्धरात्री चैती मंदिर से हवन-पूजन व प्रतीकात्मक बलि देने के बाद पंडा आवास के लिए प्रस्थान करेगा। चैती मेला मैदान स्थित मां बाल सुंदरी देवी मंदिर में बीती 26 मार्च की तड़के मां भगवती का डोला आने के बाद से शहर के अलावा अन्य प्रदेशों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचने का क्रम जारी है। मंदिर प्रबंधन की ओर से सुबह चार बजे आरती के बाद मां भगवती के द्वार दर्शन के लिए खोल दिए जाते हैं, यह क्रम रात शयन आरती तक जारी रहता है। मंदिर के मुख्य पंडा पंडा विकास अग्हिनहोत्री बताते हैं कि इस दौरान बुक्सा जाति के लोग भी यहां अपनी कुलदेवी मां बाल सुंदरी देवी के दर्शन करने पहुंचते हैं। उन्होंने बताया जब तक मां भगवती का डोला मंदिर में रहता है तो बुक्सा जाति के श्रद्धालु यहां चैती मेला परिसर में रहकर भगवती का गुणगान और प्रतिदिन मां बाल सुंदरी की पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही मन्नत पूरी होने पर बकरे की प्रतीकात्मक बलि देते हैं। पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया मां बाल सुंदरी देवी का डोला 31 मार्च की अर्धरात्री चैती मंदिर से हवन-पूजन व प्रतीकात्मक बलि देने के बाद पंडा आवास के लिए प्रस्थान करेगा। उन्होंने बताया कि डोला वापसी में मां बाल सुंदरी देवी की मूर्ति को पंडा मनोज अग्निहोत्री डोला में लेकर जाएंगे। उधर चौती मेला अपने पूरे शबाब पर है। देर रात तक लोग खेल-तमाशा, खानपान आदि के स्टालों पर आनंद ले रहे हैं।

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संपादक : एफ यू खान

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