देहरादून/लैंसडौन। लैंसडौन का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को क्षेत्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सुबह से ही सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया।व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन और नागरिक मंच के नेतृत्व में गांधी चौक से लेकर कैंट बोर्ड कार्यालय तक जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और नाम परिवर्तन के प्रस्ताव के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद गांधी चौक में एक जनसभा का आयोजन भी किया गया, जहां वक्ताओं ने अपने विचार रखे।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लैंसडौन नाम अपने आप में एक पहचान है, जिसे देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जाना जाता है। उनका मानना है कि नाम बदलने से इस पर्यटन नगरी की ऐतिहासिक और वैश्विक पहचान प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नाम परिवर्तन के बजाय क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।जनसभा के उपरांत प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम शालिनी मौर्य के माध्यम से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन भेजा, जिसमें लैंसडौन का नाम यथावत बनाए रखने की मांग की गई।इस दौरान कांग्रेस नेता रघुवीर बिष्ट और धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि नाम परिवर्तन से लैंसडौन की पहचान को नुकसान पहुंचेगा। अन्य वक्ताओं में जयहरीखाल की कनिष्ठ प्रमुख पूनम मैंदोला, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रांत खंतवाल, शशि बिष्ट, अशोक बुड़ाकोटी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सतीजा, कैंट होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सलीम रहमान, होटल जीएम ग्रुप के संजीव नैनवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष रोशन शाह, सौरभ नेगी और हितेश शर्मा शामिल रहे।प्रदर्शनकारियों ने छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी हर्षित राज को भी ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों से अवगत कराया।कुल मिलाकर, स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे लैंसडौन की पहचान से कोई समझौता नहीं करना चाहते और नाम परिवर्तन के प्रस्ताव का लगातार विरोध जारी रहेगा।
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