काशीपुर। श्री रामकथा की अमृत वर्षा अपने निर्धारित समय सायं 5 बजे थम गई और कथा व्यास मानस मर्मज्ञ पूज्यपाद पंडित बृजेश पाठक जी महाराज ने अपने रुग्ध कंठ से सभी श्रोतागण को उनके भविष्य के लिए सभी प्रकार की मंगल कामनाएं आशीर्वाद के रूप में दीं जिनको सुनकर श्रोतागण की आंखे भी भर आईं तथा अपने अश्रुपूरित नेत्रों से पूज्य व्यास जी महाराज के स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घ जीवन की प्रभु श्री राम से प्रार्थना करते हुए विदाई दी। 31 दिसंबर को वर्तमान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा के अन्यत्र व्यस्त होने के कारण पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा कथा स्थल पर पहुंचे और पूज्य व्यास जी महाराज को शॉल उढ़ा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया साथ ही एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। इस सम्मान को पाकर पूज्य व्यास जी भी गदगद हो गए। कल कथा श्रवण कराते हुए पूज्य व्यास जी ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में माता से श्रेष्ठ अन्य कोई नहीं, माता का स्थान सर्वोच्च है। यही कारण है कि हमने गौ, गंगा, तुलसी व धरती को माँ माना है। पूज्य व्यास जी ने आगे बोलते हुए बताया कि माता जानकी ने अशोक वाटिका में हनुमान जी को अपना पुत्र (सुत) कहा है और श्री हनुमान जी बार-बार माता कहकर संबोधित करते हैं और माता जानकी उन्हें अजर, अमर और गुणनिधि होने का वरदान देती हैं। यही कारण है दुनिया भर में श्री हनुमान जी मंदिर तो सब जगह मिल जाएंगे लेकिन श्रीसीताराम जी का कोई एक भी मंदिर नहीं मिलेगा जहां श्री सीताराम जी के साथ श्री हनुमान जी न हों। कल आरती व प्रसाद वितरण से पूर्व धर्मयात्र महासंघ, महानगर काशीपुर द्वारा नवदिवसीय श्री राम कथा के आयोजन में मानसिक, आर्थिक व शारीरिक रूप से सहयोग करने वाले सभी सहयोगीगण के प्रति हार्दिक आभार व धन्यवाद व्यक्त किया गया।
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