एसएससी परीक्षा में नकल गिरोह का सरगना गिरफ्तार: अंडरग्राउंड चेंबर और रिमोट एक्सेस से कराई जा रही थी धांधली

देहरादून में एसएससी परीक्षा में नकल कराने वाले संगठित गिरोह के मुख्य सरगना को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार सहारनपुर निवासी आरोपी शुभम भटनागर को चार मई को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपी पर महादेवी कन्या पाठशाला परीक्षा केंद्र पर एसएससी की मल्टीटास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ और हवलदार की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान नकल कराने का आरोप है।महादेवी कन्या पाठशाला में 13 फरवरी 2026 को आयोजित परीक्षा के दौरान नकल की सूचना मिलने पर जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के पास संचालित महादेव डिजिटल लैब के जरिए रिमोट एक्सेस तकनीक का उपयोग कर अभ्यर्थियों को उत्तर उपलब्ध कराए जा रहे थे। एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान परीक्षा केंद्र के पास यूपीएस रूम में बने एक अंडरग्राउंड चेंबर का खुलासा हुआ, जहां से तकनीकी उपकरणों के माध्यम से परीक्षा में धांधली की जा रही थी। मौके से नितिश कुमार और भास्कर नैथानी को गिरफ्तार किया गया था, जबकि मुख्य सरगना फरार हो गया था।सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के बारे में एसटीएफ ने बताया कि गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था, जो चयनित पद के ग्रेड पे के आधार पर तय की जाती थी। यह गिरोह सुनियोजित तरीके से परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाकर अवैध लाभ कमा रहा था। मामले में शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।उत्तराखंड पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार इनपुट के आधार पर एसटीएफ टीम ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।सेप्टिक टैंक के भीतर बनाया गया था अंडरग्राउंड नेटवर्कजांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा केंद्र के पास बने डिजिटल लैब के यूपीएस रूम में एक ऐसा चैंबर तैयार किया गया था, जो ऊपर से देखने में सेप्टिक टैंक जैसा लगता था, लेकिन अंदर पूरी तकनीकी व्यवस्था छिपाई गई थी। इसी अंडरग्राउंड चेंबर से लैपटॉप और सर्वर के जरिए अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर भेजे जा रहे थे।नीलेश आनंद भरणे ने पहले ही दावा किया था कि इस तरह का मामला देश में पहली बार सामने आया है, जहां इतनी सुनियोजित तरीके से तकनीक का इस्तेमाल कर परीक्षा में नकल कराई जा रही थी। एसटीएफ टीम ने मौके पर प्लास्टर हटाकर फर्जी सर्वर रूम का भी खुलासा किया, जिसे बेहद चतुराई से छिपाया गया था।

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संपादक : एफ यू खान

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