काशीपुर। ग्राम ढकिया महादेव नगर की नन्हीं प्रतिभा अमानत कोर बाजवा ने बहुत कम उम्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मात्र ढाई वर्ष की आयु में अमानत कौर को दिल्ली में ‘राष्ट्रीय अभिलेख पुस्तकय द्वारा सम्मानित किया गया। इतनी छोटी उम्र में उनकी असाधारण सीखने की क्षमता और बहुमुखी ज्ञान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। अमानत कौर बाजवा, किसान एवं व्यवसायी हरप्रीत सिंह बाजवा और समनीत कौर की इकलौती संतान हैं। वह भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बलकार सिंह की नवासी तथा किसान सरदार लखविंदर सिंह बाजवा की पोती हैं। परिवार में इस उपलब्धि को लेकर खुशी और गर्व का माहोल है। राष्ट्रीय अभिलेख पुस्तक द्वारा अमानत कौर की प्रतिभा का सत्यापन कर चार अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान की गई। अमानत ने अपनी कम उम्र में ही प्रारंभिक शिक्षा और बहुविषय ज्ञान कोशल का अद्भुत प्रदर्शन किया है। वह आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी वर्णमाला ए से जेड तक, हिंदी वर्णमाला तथा एक से सत्तर तक की संख्याओं को पहचान लेती हैं। इतनी छोटी आयु में उनकी मजबूत स्मरण शक्ति और भाषाई क्षमता सभी को आश्चर्यचकित करती है। इसके अलावा अमानत रंगों, आकारों, जानवरों, परिवहन साधनों, शरीर के अंगों तथा सप्ताह के दिनों और महीनों की पहचान भी आसानी से कर लेती हैं। उनकी अवलोकन क्षमता और वर्गीकरण कोशल बेहद उत्कृष्ट माने गए हैं। अमानत को किताबें पढ़ना पसंद है और वह पंजाबी गीत गाने के साथ-साथ पंजाबी में प्रार्थनाएं भी पढ़ सकती हैं, जो उनकी सांस्कृतिक समझ और अभिव्यक्ति क्षमता को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी कम उम्र में इस प्रकार की सीखने की क्षमता, बहुभाषी ज्ञान और मजबूत संज्ञानात्मक विकास अत्यंत दुर्लभ होता है। अमानत कौर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे काशीपुर और उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। परिवारजनों और क्षेत्रवासियों ने अमानत के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह नन्हीं बेटी आगे चलकर देश का नाम और ऊंचा करेगी।
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