उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज, बारिश-बर्फबारी से गर्मी पर ब्रेक, अगले कुछ दिन राहत के आसार

देहरादून। उत्तराखंड में मई महीने के बीच मौसम का बदला हुआ मिजाज लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दे रहा है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तेज हवाओं के चलते वातावरण में ठंडक बनी हुई है। राजधानी देहरादून समेत मैदानी क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है, जो मई महीने के लिहाज से सामान्य परिस्थितियों से अलग मानी जा रही है।प्रदेश के पर्वतीय जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल रहा है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और हल्की बर्फबारी ने तापमान को काफी नीचे ला दिया है। वहीं मैदानी इलाकों में भी तेज धूप का असर कम हुआ है, जिससे लोगों को गर्म हवाओं और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार दून का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री कम 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ की लगातार सक्रियता और बदलते जलवायु पैटर्न की वजह से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो वर्षों से मई के शुरुआती दिनों में मौसम सामान्य से अलग बना हुआ है। बीते वर्ष भी तेज हवाओं और बारिश के कारण गर्मी का असर काफी कम रहा था और इस वर्ष भी अभी तक मैदानी क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति नहीं बनी है।मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना जताई है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मौसम अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।मौसम में आए इस बदलाव का असर बिजली की मांग पर भी देखने को मिला है। तापमान में कमी आने से प्रदेश में बिजली की खपत घटी है, जिससे यूपीसीएल को भी राहत मिली है। वहीं किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित प्रभाव लेकर आया है। जहां कुछ फसलों को बारिश से फायदा मिल रहा है, वहीं लगातार नमी और बदलते मौसम से फल एवं सब्जी उत्पादकों की चिंता भी बढ़ी है।विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में लगातार बदलाव हो रहे हैं और आने वाले समय में इस तरह की असामान्य परिस्थितियां अधिक देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी अलर्ट और सरकारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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संपादक : एफ यू खान

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