काशीपुर। न्यायालय ने मारपीट, गाली गलौच और जान से मारने की धमकी देने के एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। जुड़का निवासी सुभाष कुमार ने सात जून, 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसके ताऊ चतर सिंह राजमिस्त्री हैंं। चतर सिंह ने एक वर्ष पूर्व ग्राम के ही निवासी महेन्द्र सिंह का मकान बनाया था। जिसके मजदूरी के महेन्द्र सिंह की तरफ दस हजार रुपये बकाया चल रहे थे। आरोप है कि चार जून, 2018 को रात्रि साढ़े दस बजे महेन्द्र सिंह उसके ताऊ चतर सिंह को बुलाकर अपने घर ले गया है। वहां पहले से ही बैठे विजेन्द्र सिह, गजपाल सिंह, भूपेन्द्र सिंह, विक्की आदि ने लाठी, सरिया, हाॅकी, तलवार से जानलेवा हमलाकर उन्हें घायल कर दिया। तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ। विवेचना अधिकारी ने गजपाल व विजेंद्र के खिलाफ धारा 323, 504 व 506 के तहत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। मुकदमें की सुनवाई के दौरान एक आरोपी गजपाल की मृत्यु हो गई। जबकि विजेंद्र के खिलाफ वाद का परीक्षण हुआ। बचाव पक्ष के अधिवक्ता धर्मेद्र तुली एड ने कहा कि घटना चार जून, 2018 की बताई गई है। जबकि तहरीर पर 07 मई, 2018 की तिथि है। गवाहो के बयानों में भी विरोधाभास है। प्रथम एसीजे (जू.डि) चेतन सिंह गौतम ने आरोपी विजेंद्र को दोषमुक्त कर दिया।
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